उत्तर प्रदेश में जैन धर्म का इतिहास
उत्तर प्रदेश में जैन धर्म का इतिहास प्राचीन और आधुनिक तथा पुरातात्विक एवं जैन पुराणों में उल्लेख और प्रदेश में जैन आबादी
🕉️ १. उत्तर प्रदेश में जैन धर्म का प्राचीन इतिहास
■ (A) जैन तीर्थंकरों का संबंध
उत्तर प्रदेश कई तीर्थंकरों की जन्मस्थली या तपस्थली माना जाता है—
प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव जी – अयोध्या को इनका जन्मस्थान माना गया है।
अजितनाथ जी (2nd) – अयोध्या
अभिनंदननाथ जी (4th) – अयोध्या
सुमतिनाथ जी (5th) – अयोध्या
अनंतनाथ जी (14th) – अयोध्या
धर्मनाथ जी (15th) – अयोध्या
➡️ इसलिए अयोध्या को “षट् तीर्थंकरों की जन्मभूमि” कहा जाता है।
■ (B) प्राचीन नगरों में जैन प्रभाव
काशी / वाराणसी – भगवान पारसनाथ की जन्म स्थली जैन आगमों में काशी को तप, अध्ययन और उपदेश का प्रमुख केंद्र बताया गया है।
*कौशांबी (प्रयागराज के पास)* – महाजनपद काल में जैन व्यापारियों और श्रमण संस्कृति का बड़ा केंद्र था।
*श्रावस्ती (सावथि)* – महावीर स्वामी के अनेक उपदेश यहाँ हुए।
*कुशीनगर* – प्राचीन जैन-बौद्ध स्थल।
*हस्तिनापुर* – पाँच तीर्थंकरों (शान्तिनाथ, कुंथुनाथ, अरहनाथ, आदि) से संबंधित स्थल।
*🏺 २. उत्तर प्रदेश में जैन धर्म का पुरातात्विक इतिहास*
*■ प्रमुख पुरातात्विक प्रमाण*
*1. हस्तिनापुर उत्खनन (1950–51):*
प्राचीन जैन स्तूप, मूर्तियाँ, शिलालेख और मंदिरों के अवशेष मिले।
यह स्थान आधुनिक जैन धर्म का तीर्थ बन गया।
*2. कौशांबी उत्खनन:*
2,000 वर्ष पुराने जैन मूर्तियों के अवशेष मिले।
जैन मठ, व्यापारिक संघों और श्रावक समुदाय के प्रमाण।
*3. वाराणसी:*
प्राचीन जैन टोले, चैत्यों और मूर्तियों के अवशेष मिले हैं।
कई मूर्तियाँ गुप्तकाल (4th–6th century CE) की मिलती हैं।
*4. श्रावस्ती:*
महावीर स्वामी के उपदेशकाल से जुड़े स्थल।
जैन प्रतिमाओं और विहारों के अवशेष।
*📚 ३. जैन पुराणों एवं आगमों में उत्तर प्रदेश का उल्लेख*
*■ आगम/पुराणों में प्रमुख स्थान*
*अयोध्या* – ऋषभदेव, अजितनाथ, अभिनंदननाथ, सुमतिनाथ, अनंतनाथ, धर्मनाथ
*हस्तिनापुर* – तीन तीर्थंकरों की तपस्थली, पांडव–कौरव वंश का जैन संस्करण
*काशी* – तपोभूमि एवं तीर्थ
*श्रावस्ती* – महावीर स्वामी के उपदेश
*कुशीनगर*, पाटलिपुत्र के मार्ग – जैन यात्राओं का वर्णन
*■ जैन ग्रंथ जिनमें UP का उल्लेख मिलता है*
*आदिपुराण* – ऋषभदेव की अयोध्या।
*उत्तरपुराण* – तीर्थंकरों के जन्मस्थानों का वर्णन।
*कल्पसूत्र* – महावीर स्वामी के भ्रमण क्षेत्र में काशी, श्रावस्ती।
*भगवती सूत्र* – महावीर के उपदेशों में श्रावस्ती/काशी का वर्णन।
*🏛️ ४. आधुनिक उत्तर प्रदेश में जैन धर्म*
*■ प्रमुख आधुनिक तीर्थ*
*हस्तिनापुर* – जम्बूद्वीप, कोटिलिंग जिनालय, पांडव टीला
*वाराणसी* – पार्श्वनाथ मंदिर, सुमतिनाथ मंदिर
*आगरा* – श्वेताम्बर–दिगम्बर दोनों समुदाय जैन आबादी का एक प्रमुख केंद्र
*मेरठ* – जैन धर्म का बड़ा केंद्र
*अयोध्या* – नवनिर्मित जैन मंदिर और ऐतिहासिक स्थान
*लखनऊ* – कई दिगम्बर और श्वेताम्बर मंदिर
*👥 ५. उत्तर प्रदेश में जैन आबादी (Population)*
► जनगणना 2011 (सबसे नवीन उपलब्ध डेटा)
उत्तर प्रदेश में कुल जैन आबादी: लगभग 2.13 लाख (0.1%)
प्रमुख शहर जहाँ जैन समुदाय अधिक संख्या में:
मेरठ
लखनऊ
वाराणसी
आगरा
अयोध्या-फैजाबाद
झाँसी
कानपुर
सहारनपुर
ललितपुर
➡️ संभावना है कि,2021–2024 में यह संख्या लगभग 2.5–3 लाख के बीच हो सकती है।
📌 सारांश
उत्तर प्रदेश जैन धर्म का जन्मस्थान, तपस्थली, उपदेशस्थली, और पुरातात्विक धरोहर—चौरों रूपों में अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। UP में जैन धर्म की जड़ें वैदिक काल से भी पुरानी मानी जाती हैं।
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